योगी आदित्यनाथ के इस फैसले से है आल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड खुश!

अल्पसंख्यक कोटे में शिया मुस्लिम को मिलें अधिकार!

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गौहत्या पर लगाए गए प्रतिबंध को सही ठहराया

ऑल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की कार्यकारिणी की लखनऊ में हुई बैठक में गौहत्या पर लगाए गए प्रतिबंध को सही ठहराया गया है और साथ ही शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के मुताबिक राम मंदिर के मुद्दे को आपसी बातचीत के जरिए सुलझाने पर जोर दिया है। लखनऊ के विक्टोरिया में स्थित शिया गर्ल्स कॉलेज में हुई शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड कार्यकारिणी की बैठक में यह भी मांग रखी गई कि-“शिया मुसलमानों को अलपसंख्यक कोटे में अलग से अधिकार मिलें” और साथ ही सच्चर कमेटी की तर्ज पर शिया मुसलमानों का एक सर्वे करने की भी मांग की गई जिससे उनके शैक्षणिक और आर्थिक हालात का पता चल सके|

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बोर्ड की बैठक में तीन तलाक के कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। तीन तलाक को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस पर बोर्ड ने कहा कि- “इस पर रोक लगनी चाहिये ताकि इसे खत्म किया जा सके।” ये बात तो साफ़ है कि केंद्र सरकार तीन तलाक को हटाने के पक्ष में है। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस फैसले का विरोध कर रहा है और कह रहा है कि यह इस्लामिक कानून में हस्तक्षेप है| 27 मार्च को तीन तलाक पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में अपना पक्ष रखा था और तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह प्रथा के विरुद्ध दी गई दलीलों को ख़ारिज करने की मांग की थी।

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सर्वोच्च नयायालय ने इसके बाद तीन तलाक, निकाह हलाला और बहुविवाह की रीतियों की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई शुरू करने के लिए 11 मई की तारीख तय की। न्यायाधीश जेएस खेहर और डीवाई चंद्रचूड़ की पीठ ने कहा-“गर्मिर्यों की छुट्टियों में एक संविधान पीठ मामले में सुनवाई करेगी।” 27 मार्च को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने उच्चतम न्यायालय से कहा था-“मुस्लिमों के बीच प्रचलित इन परंपराओं को चुनौती देने वाली याचिकाएं विचारणीय नहीं हैं क्योंकि ये मुद्दे न्यायपालिका के दायरे के बाहर के हैं।”

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